Mutual Fund का मतलब कई निवेशकों द्वारा जमा धन के एक pool को दर्शाता है जो अपने निवेश के जरिए बचत और पैसा बनाने का लक्ष्य रखते हैं। इस प्रकार इकठ्ठा किये गए धन को विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में निवेश किया जाता है, अर्थात debt funds, liquid assets आदि निवेश की अवधि के दौरान अर्जित लाभ हो या नुकसान को सभी निवेशकों द्वारा समान अनुपात में साझा किए जाते हैं|
अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आपको ध्यान रखना चाहिए कि आखिर म्यूचुअल फंड के क्या नुकसान हो सकते हैं और किन लोगों को म्यूचुअल फंड में निवेश नहीं करना चाहिए| म्यूचुअल फंड में एफडी या अन्य फंड की तरह रिटर्न की गारंटी नहीं होती है.
जो एक्स्ट्रा चार्ज देने के लिए राजी नहीं
म्यूचुअल फंड को संभालने के लिए आपके निवेश से expenses ratios के रूप में चार्ज लगता है. यह शुरू में तो कम लगता है, लेकिन बाद में यह ज्यादा हो जाता है. इसलिए अगर आपको लगता है कि आप निवेश में कोई चार्ज नहीं देंगे तो आप म्यूचुअल फंड में निवेश ना करें. साथ ही अगर आप साल में पैसे निकालते हैं तो 1 फीसदी Exist Load का चार्ज भी देना होता है|
लंबे टाइम तक निवेश ना करना हो
अब कई म्यूचुअल फंड में लॉक इन पीरियड होता है और अगर जिन लोगों को लगता है कि उन्हें लंबे समय तक पैसे की आवश्यकता नहीं है तो ही इसमें निवेश करें. अगर आप लंबे टाइम तक निवेश नहीं करना चाहते हैं और पैसे को लॉक नहीं कर सकते तो यह आपके लिए अच्छा निवेश ऑप्शन नहीं है.
टैक्स नहीं देना चाहते
जब आप किसी अन्य फंड में निवेश करते हैं तो आपको इनकम टैक्स में छूट मिलती है. अगर आप चाहते हैं कि म्यूचुअल फंड में भी निवेश पर छूट मिले तो ऐसा नहीं है. म्यूचुअल फंड के रिटर्न पर भी टैक्स लगता है, जिससे आपका मुनाफा कुछ प्रतिशत से घट जाता है.
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